अखिलेश के बाद सपा सांसद ने भी उठाई अयोध्या में ज़मीन घोटाले की बात

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बाद अब अयोध्या से सांसद अवधेश प्रसाद ने राम मंदिर निर्माण के दौरान अयोध्या में ज़मीनो को कौड़ियों के भाव खरीदकर करोड़ों रुपये में बेचे जाने का मामला उठाया है।
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा, “अयोध्या प्रभु राम की धरती है। यहां के मतदाताओं ने हमें 7 बार विधायक बनाया। उन्होंने कहा कि भगवान की जो मर्यादा है भाजपा ने उसे तोड़ा है। लोगों के सामने परेशानी पैदा की है।
सपा सांसद ने कहा कि अयोध्या में लोगों की जमीनें कोड़ियों के दाम बेचा है, बाहरी लोगों ने जमीन लिया है। उन्होंने कहा कि हम उचित मुआवजा दिलाने का काम करेंगे और उच्चस्तरीय जांच भी कराएंगे कि घोटाला कहां-कहां हुआ है। यहां से एक संदेश गया है कि देश में धर्म पर आधारित राजनीति नहीं चलेगी।
जैसे-जैसे अयोध्या की ज़मीन के सौदों का भंडाफोड़ हो रहा है, उससे ये सच सामने आ रहा है कि भाजपा राज में अयोध्या के बाहर के लोगों ने मुनाफ़ा कमाने के लिए बड़े स्तर पर ज़मीन की ख़रीद-फ़रोख़्त की है। भाजपा सरकार द्वारा पिछले 7 सालों से सर्किल रेट न बढ़ाना, स्थानीय लोगों के ख़िलाफ़ एक… pic.twitter.com/zzXKpdc40A
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) July 10, 2024
गौरतलब है कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हाल ही में अयोध्या में कौड़ियों के भाव ज़मीने खरीदे जाने का मामला उठाया था। सोशल साइट एक्स पर एक अंग्रेजी अख़बार की खबर साझा करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि जैसे-जैसे अयोध्या की ज़मीन के सौदों का भंडाफोड़ हो रहा है, उससे ये सच सामने आ रहा है कि भाजपा राज में अयोध्या के बाहर के लोगों ने मुनाफ़ा कमाने के लिए बड़े स्तर पर ज़मीन की ख़रीद-फ़रोख़्त की है।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा पिछले 7 सालों से सर्किल रेट न बढ़ाना, स्थानीय लोगों के ख़िलाफ़ एक आर्थिक षड्यंत्र है। इसकी वजह से अरबों रुपये के भूमि घोटाले हुए हैं। यहाँ आस्थावानों ने नहीं बल्कि भू-माफ़ियाओं ने ज़मीनें ख़रीदी हैं। इन सबसे अयोध्या-फ़ैज़ाबाद और आसपास के क्षेत्र में रहनेवालों को इसका कोई भी लाभ नहीं मिला।
उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि ग़रीबों और किसानों से औने-पौने दाम पर ज़मीन लेना, एक तरह से ज़मीन हड़पना है। हम अयोध्या में तथाकथित विकास के नाम पर हुई ‘धांधली’ और भूमि सौदों की गहन जाँच और समीक्षा की माँग करते हैं।
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