राज्य सभा में NDA की ताकत घटी, अब बहुमत से हुआ दूर

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव में बहुमत से दूर रही भारतीय जनता पार्टी के लिए एक और मुश्किल पैदा हो गई है। अब राज्य सभा में बीजेपी और उसके सहयोगी दलों वाले एनडीए की ताकत कम हो गई है और अब राज्य सभा में एनडीए बहुमत से दूर हो गया है।
राज्यसभा की वर्तमान सदस्य संख्या 225 है। राज्य सभा में बीजेपी के चार मनोनीत सदस्यों के कार्यकाल पूरा करने के बाद अब राज्य सभा में भाजपा की संख्या घटकर 86 हो गई है,वहीँ एनडीए के सदस्यों की संख्या 101 हो गई है, जो 245 सदस्यीय सदन में वर्तमान बहुमत के आंकड़े 113 से कम है।
दूसरी तरफ राज्य सभा में कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडिया गठबंधन के पास 87 सीटें हैं, जिनमें से कांग्रेस के पास 26, टीएमसी के पास 13 और दिल्ली और तमिलनाडु में सत्ता में मौजूद आप और डीएमके के पास 10-10 सीटें हैं। बीआरएस सहित कुछ ऐसी पार्टियाँ हैं जो राज्यसभा में भाजपा या कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं करती हैं, जबकि मनोनीत सांसदों और निर्दलीयों के पास बाकी सीटें हैं।
राज्य सभा में एनडीए सदस्यों की संख्या घटने से अब राज्य सभा में केंद्र सरकार कोई भी बिल अपने बहुमत के दम पर पास नहीं करा सकेगी, बल्कि उसको अपना संख्याबल पूरा करने के लिए भी गैर एनडीए दलों का मुंह ताकना पड़ेगा।
वहीँ अब तक सरकार को मुद्दों पर आधारित समर्थन देने वाले बीजू जनता दल (बीजेडी)के तेवर भी ओडिशा में हुए विधानसभा चुनाव के बाद बदले बदले नज़र आ रहे हैं। ऐसे में ज़रूरी नहीं कि बीजू जनता दल पहले की तरह आँख बंद करके लोकसभा और राज्य सभा में सरकार का समर्थन करे। बता दें कि बीजू जनता दल के पास राज्य सभा में 9 सांसद हैं।
बीजेपी के पास समर्थन जुटाने के लिए सिर्फ मनोनीत सदस्य ही एकमात्र सहारा शेष है। राज्य सभा में इस समय 12 मनोनीत सदस्य हैं। वहीँ बीआरएस जैसी पार्टियां भी एनडीए का समर्थन कर सकते हैं। बीआरएस के राज्य सभा में 4 सदस्य हैं।
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